Ek Aise Love Story Kahani dekhiae Salman Khan ke Krishna
अपने अत्याचारी मामा कंस का वध करके मथुरा को पाप से मुक्त कराने के बाद भगवान कृष्ण ने यमुना के इसी तट पर विश्राम किया था. लेकिन इस विश्राम के स्थान का सबसे बड़ा रहस्य कृष्ण से नहीं बल्कि मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा है. कहानी यह है कि यह यमुना नदी जहां कृष्ण ने विश्राम किया. स्वयं मृत्यु के देवता यमराज की बहन है. दोनों सूर्य देव की संतान थे और भाई बहन में असीम प्रेम था लेकिन यमराज अपने काम में इतने व्यस्त रहते थे कि उन्हें अपनी बहन से मिलने का समय ही नहीं मिलता था. देवी यमुना बार बार उन्हें निमंत्रण देती लेकिन हर बार यमराज टाल देते. अंत में एक दिन यमुना ने अपने भाई को वचन से बांध लिया और यमराज को उनसे मिलने आना ही पड़ा. वह दिन था कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय का. उन्होंने अपने भाई का प्रेम से सत्कार किया. इस स्नेह से यमराज इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने यमुना को वरदान मांगने के लिए कहा. तब यमुना ने अपने लिए कुछ नहीं मांगा. उन्होंने कहा, hey भैया, मैं यह वरदान मांगती हूं कि आज के दिन जो भी भाई अपनी बहन के घर जाकर उसका आतित्य स्वीकार करेगा, उसे कभी भी आपकी यमपुरी यानी यमलोक का भय नहीं रहेगा. यमराज ने तथास्तु कहा और माना जाता है कि इसी दिव्य क्षण से भाई दूज के त्यौहार की शुरुआत हुई और जिस पवित्र स्थान पर भाई बहन का यह दिव्य मिलाप हुआ था. मथुरा के उसी विश्राम घाट पर आज स्थित है भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां यमराज अपनी बहन यमुना के साथ पूजे जाते हैं. श्री यमुना धर्मराज मंदिर मान्यता है कि आज भी भाई दूज के दिन इस घाट पर यमुना में एक साथ स्नान करने वाले भाई बहन को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता. सभी भाई बहन comment में जय यमुना मैया ज़रूर लिखें.

